पार्श्वनाथ जैसा कोई तपधारी रे | By Pooja Srivastava

By: Pooja Srivastava Genre: jain bhajan Like:
0

पार्श्वनाथ जैसा न कोई तपधारी रे
कोई तपधारी रे न कोई तपधारी रे
पार्श्वनाथ जैसा न कोई व्रतधारी रे
पार्श्वनाथ जैसा ।।।।

कर्म शत्रु जब तुमसे हारा
तुमने ही किया जग का निस्तारा रे
पार्श्वनाथ जैसा न कोई तपधारी रे
पार्श्वनाथ जैसा।।।।।

नवकार मंत्र जब तुमने सुनाया
नाग और नागिन की किया सुखहारी रे
पार्श्वनाथ जैसा न कोई तपधारी रे
पार्श्वनाथ जैसा।।।।।

काशी के तुम स्वामी जी कहाय
अपने मन इच्छा से करे फलहारी रे
पार्श्वनाथ जैसा न कोई तपधारी रे
पार्श्वनाथ जैसा।।।।।

पार्श्वनाथ जैसा न कोई तपधारी रे
कोई तपधारी रे न कोई तपधारी रे
पार्श्वनाथ जैसा न कोई व्रतधारी रे
पार्श्वनाथ जैसा ।।।।

Parshvnath Jaisa Koi Tapdhari Re By Pooja Srivastava

Download Lyrics in English || Download Lyrics in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Similar Lyrics